Monday, September 21, 2009

जबतक आप बुराई को दूर नही करते या उसे दूर करने का प्रयास नही करते , तबतक आपको उस बुराई को बुराई कहने का कोई हक़ नही है....

हम तीन दोस्त कोटा की रेलवे कालोनी में हर शाम की तरह घूमने निकले..
हम एक सड़क पर जा रहे थे, वहां दो रोड लाइटों के बीच में एक गतिरोधक था । हम अपनी बातों में व्यस्त थे , अचानक एक इनफिल्ड मोटर साईकिल पर सवार नवयुवक वहां से गुजरा । कुछ पल बाद पीछे से आवाज आई, हमने मुड़कर देखा तो वो मोटर साईकिल सवार गिरा पड़ा था । हम दौड़कर वहां गए और उसे उठा लिया । हमारे पूछने पर उसने बताया कि गतिरोधक उसे दिखाई नही दिया और संतुलन बिगड़ने से वो गिर गया पर उसे कही भी चोट नही आई

हममें से एक लड़का बोला कि ,"अरे यार गतिरोधक पर सफेदी भी नही है " ।
वो मोटर साईकिल सवार नवयुवक बोला, "अरे छोड़ो यार वैसे भी अपने देश ने बहुत समस्याएं है एक और सही । "
यह सुनकर मेरा दिमाग ख़राब हो गया मै लगभग चिल्लाता हुआ बोला ,"हे !! जानते हो ये समस्याये क्यों है ? क्योंकि हम उन्हें पैदा करते है , यह बोलना तो बहुत आसान है कि यहाँ बहुत समस्याएं है कभी उन्हें दूर कराने के बारे में सोचा है ?? याद रखो मेरे दोस्त, यदि हम समाधान का हिस्सा नही है तो समस्या का हिस्सा है । मैं कल रात इसी समय सफेदी और ब्रुश लेकर आऊंगा इस गतिरोधक पर करने, क्या तुम आओगे मेरे साथ ???"
वह खामोशी से मेरी तरफ़ देखता रहा, थोडी देर सोच कर बोला कि हाँ मै आ जाऊंगा ।

अगली सुबह १०:०० बजे मै रेलवे ऑफिस में गया वहां जाकर सारी बात बताई तो वहां के अधिकारी श्री गुप्ता जी बोले, "बेटा, तुम अर्जी लगा दो हम सफेदी करावा देंगे ।"
मै बोला ,"नही श्रीमान मुझे आज रात को ८.०० बजे सफेदी करनी है, मैने वादा किया है । यदि आप नही करते तो मुझे सामान बता दीजिये मै ख़ुद बाज़ार से खरीद कर कर लूँगा । "
काफी जिदोजेहद के बाद वो मान गए । मेरी बात मानकर रात के ८.०० बजे कर्मचारियों को सफेदी करने के लिए भेजा जबकि उनका समय तो ५.३० पर ही समाप्त हो जाता है । लेकिन वो युवक नही आया जो वहां गिरा था, जिसका हमे इंतजार था ... ।

इतना ही नही अगले एक सप्ताह मै सभी गलियों के गतिरोधकों पर सफेदी हो गई थी ।

इस घटना से मेरी विचारधारा और प्रबल हो गई की ,"जबतक आप बुराई को दूर नही करते या उसे दूर करने का प्रयास नही करते , तबतक आपको उस बुराई को बुराई कहने का कोई हक़ नही है ।"

4 comments:

shama said...

Shubhkamnayen !
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Khudke udaharanse hee ham kiseeko kuchh bata sakte hain!

Please..ye word verification hata den!

Gyan Singh said...

I have removed word varification.

ललित शर्मा said...

चिट्ठा जगत में आपका हार्दिक स्वागत है.शुभकामनाएं

गोविंद गोयल, श्रीगंगानगर said...

nice.narayan narayan